क्या कंपनी सेक्रेटरी कोर्स में कोई बदलाव किए गए हैं ? इस समय कंपनी सेक्रेटरी के रूप में करियर की क्या संभावनाएँ हैं ?

सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज)Category: guidanceक्या कंपनी सेक्रेटरी कोर्स में कोई बदलाव किए गए हैं ? इस समय कंपनी सेक्रेटरी के रूप में करियर की क्या संभावनाएँ हैं ?
admin Staff asked 2 months ago
1 Answers
admin Staff answered 2 months ago

द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने कंपनी सेक्रेटरी का स्तर और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई बड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव 4 फरवरी, 2020 से लागू हो गए हैं। आईसीएसआई ने कंपनी सेक्रेटरी कोर्स में फाउंडेशन कोर्स को खत्म कर दिया है। अब कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम देना होगी। इस एंट्रेंस एग्जाम को सीएस एक्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट नाम दिया गया है। यह एंट्रेंस एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड होगी। जिसमें मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन, ऑडियो-वीडियो क्लिप और डिस्क्रिप्टिव पैटर्न पर आधारित प्रश्न होंगे। यह परीक्षा 135 मिनट की होगी जिसमें से 120 मिनट मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन पैटर्न के लिए, शेष 15 मिनट ऑडियो-वीडियो क्लिप और डिस्क्रिप्टिव पैटर्न के लिए होंगे। परीक्षा में करंट अफेयर, बिजनेस कम्युनिकेशन, लीगल एप्टीट्यूड एंड लॉजिकल रीजनिंग, इकोनॉमिक एंड बिजनेस एन्वायर्नमेंट, प्रेजेंटेशन एंड कम्युनिकेशन स्किल के क्वेश्चन होंगे। परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं होगा। यह एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के लिए प्रत्येक सब्जेक्ट में कम से कम 40 प्रतिशत मार्क्स और ओवरऑल 50 प्रतिशत मार्क्स लाना आवश्यक होंगे। यह एंट्रेंस एग्जाम वर्ष में चार बार सामान्यतः मई, जुलाई, नवंबर और जनवरी में होगा।
चूँकि अब कंपनी सेक्रेटरी कोर्स में फाउंडेशन परीक्षा समाप्त कर दी गई है। अतः अब एंट्रेंस एग्जाम क्लीयर करते ही सीधे एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में बैठा जा सकेगा। जिससे अब तीन साल का कंपनी सेक्रेटरी कोर्स दो साल में पूरा किया जा सकेगा। इस तरह एक साल की बचत होगी। जो स्टूडेंट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट फाइनल या कास्ट अकाउंटिंग फाइनल कर चुके हैं उन्हें सीएस एक्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट नहीं देना होगी। वे सीधे एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में शामिल हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि, नए बदलाव के पहले तक कक्षा 12वीं के बाद सीएस कोर्स में सीधे रजिस्ट्रेशन होता था। साथ ही, ग्रेजुएट्स को एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में डायरेक्ट एंट्री मिलती थी। नए बदलावों के पहले तक सीएस कोर्स पैटर्न 3 कैटेगरी- फाउंडेशन, एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल में बंटा हुआ था। नए पैटर्न के अनुसार सीएस एजुकेशन को 2 कैटेगरी -एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल में रखा गया है। पहले की तरह ही एक्जीक्यूटिव के बाद स्टूडेंट्स प्रोफेशनल प्रोग्राम में जा सकेंगे।
कंपनी सेक्रेटरी कोर्स के नए पैटर्न के तहत ट्रेनिंग स्ट्रक्चर अब 24 माह का होगा। यह 24 माह एकमुश्त नहीं होंगे। ट्रेनिंग शुरू करने से पहले 1 माह की ट्रेनिंग चैप्टर ऑफिस से लेना होगी। इसमें फंडामेंटल रूल्स की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद 21 माह की ट्रेनिंग प्रेक्टिसिंग होगी। यह प्रेक्टिसिंग किसी कंपनी सेक्रेटरी अथवा पंजीकृत कंपनी के अधीन की जा सकेगी। इसके बाद 2 माह की विशेष ट्रेनिंग होगी जो कि रेसिडेंशियल होगी। शुरुआती दौर में यह रेसिडेंशियल ट्रेनिंग आईसीएसआई के मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद व मानेसर परिसर में दी जाएगी। अब जब भी किसी सीएस सदस्य को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस लेना होगा, उसके लिए उसे ओरिएंटेशन प्रोग्राम का हिस्सा बनना होगा। इस प्रोग्राम में सीएस को नियम, सिद्धांत आदि बताए जाएँगे। सदस्यता नवीनीकरण के लिए भी प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम करना होगा।
द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 19 लाख रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए देश में मात्र 60 हजार के करीब ही कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 2020 के अंत तक 50 हजार अतिरिक्त कंपनी सेक्रेटरीज की आवश्यकता है। इसी रिपोर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में रोजगार के कितने चमकीले अवसर हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी, इंडिया पर कंपनी सेक्रेटरी प्रोफेशन के विकास और नियंत्रण का जिम्मा है। द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के चार रीजनल काउंसिल मुंबई , चेन्नई, कोलकाता तथा नई दिल्ली में हैं। इनके अलावा 71 चैप्टर्स हैं जो देश के विभिन्न शहरों में स्थित हैं। सीएस से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया, आई.सी.एस.आई हाउस, 22 इंस्टीट्यूशनल एरिया, लोधी रोड, नई दिल्ली-110003 से संपर्क करें अथवा वेबसाइट एड्रेस http://www.icsi.edu लॉग ऑन करें।