मैं इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स के बाद करियर की क्या संभावनाएँ है ? इस कोर्स से संबंधित प्रमुख संस्थानों की जानकारी भी दें।

सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज)Category: guidanceमैं इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स के बाद करियर की क्या संभावनाएँ है ? इस कोर्स से संबंधित प्रमुख संस्थानों की जानकारी भी दें।
admin Staff asked 4 months ago
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admin Staff answered 4 months ago

इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट का कोर्स उन युवाओं के लिए आकर्षक कोर्स है जो जोखिम, साहस और सेवा का करियर बनाना चाहते हैं। इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट के अंतर्गत औद्योगिक दुर्घटनाओं तथा आग से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के क्षेत्र में आने वाली सभी क्रियाएँ शामिल होती हैं। गौरतलब है कि इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी से जुड़े मैनेजरों को विभिन्न शिफ्टों में खतरनाक स्थितियों में काम करना पड़ता है। इन्हें कभी-कभी भयंकर ज्वलनशील रसायनों एवं विस्फोटकों की मौजूदगी में भी अपने काम को अंजाम देना होता है।
इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट का पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक करने के पश्चात फायर प्रोटेक्शन इंजीनियर, एनवायरमेंट सेफ्टी मैनेजर, इंडस्ट्रियल हाइजीन मैनेजर, सिस्टम सेफ्टी इंजीनियर, रिस्क मैनेजमेंट कंसल्टेंट, कंस्ट्रक्शन सेफ्टी इंजीनियर, ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी सुपरवाइजर के रूप में अवसर मिलते हैं। फायर इंजीनियर को निगमों, शिक्षण संस्थानों आदि में नियुक्त किया जाता है। खासतौर पर पेट्रोलियम रिफानरी, पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक, फर्टिलाइजर, टैक्सटाइल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, केमिकल इंडस्ट्री, फटाका निर्माण फैक्ट्री और ऐसी ही अन्य जगहों पर इनकी बहुत आवश्यकता है। इंश्योरेंस कंपनियों में सर्वेयर के तौर पर फायर सेफ्टी मैनेजरों को नियुक्त किया जाता है ताकि बीमा क्लेम के दौरान अग्निकांड से हुई आर्थिक क्षति का सही-सही आकलन किया जा सके।
इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट के क्षेत्र में अच्छा करियर बनाने के लिए फायर इंजीनियरिंग में कम से कम स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। इस क्षेत्र में स्नातकोत्तर और पीएच-डी स्तर के कोर्स भी उपलब्ध हैं। फायर इंजीनियरिंग के बीई कोर्स में प्रवेश लेने हेतु बारहवीं की परीक्षा गणित विषय समूह के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। फायर इंजीनियरिंग के कोर्स में प्रवेश जेईई मेन्स के द्वारा दिया जाता है। बीई डिग्री के अलावा भी देश के कई प्रायवेट संस्थानों द्वारा फायर इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स भी कराए जाते हैं। डिप्लोमा कोर्स की अवधि तीन महीने से लेकर दो वर्ष तक होती है।
उल्लेखनीय है कि फायर इंजीनियरिंग का कोर्स करने के इच्छुक उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत होना आवश्यक है। इंस्टीट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग, नागपुर, नेशनल सेफ्टी काउंसिल ऑफ इंडिया, नवी मुंबई, कॉलेज ऑफ फायर टेक्नोलॉजी, अहमदबाद सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से इंडस्ट्रियल एवं फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स किया जा सकता है।